15th August Speech in Hindi

मेरे सभी आदरणीय अध्यापकगण और मेरे प्यारे मित्रों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार और आज जैसा कि आप सभी जानते हैं आज हम लोग यहां पर बहुत ही बड़े दिन को मनाने के लिए इकट्ठे हुए हैं आज हमारा 73वां स्वतंत्रता दिवस है और इस दिन हमें ब्रिटिश राज्य से मुक्ति मिली थी तो मैं आपसे आज कुछ समय अपने देश के लिए मांगना चाहूंगा उम्मीद करता हूं आप सभी मुझे ध्यानपूर्वक सुनेंगे
सदियों से भारत अंग्रेजों की दासता में था उनके अत्याचार से जन-जन और हर वयक्ति खुली हवा में सांस लेने को बेचैन था भारत में आजादी का पहला वार 1857 में बजा किंतु कुछ कारणों के कारण हम गुलामी के बंधन से मुक्त नहीं हो पाए वास्तव में आजादी का संघर्ष इतना अधिक हो गया जब बाल गंगाधर तिलक ने कहा स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और अनेक क्रांतिकारियों ने देशभक्तों के प्रयास तथा बलिदान से आजादी की गाथा लिखिए तो जिस देश में चंद्रशेखर आजाद भगत सिंह सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारी तथा जवाहरलाल नेहरू जैसे देश भक्त मौजूद हो तो मई आपसे लिख के कहता हु की उस देश को आजादी क्यों नहीं मिलेगी आखिरकार सभी के महत्वपूर्ण योगदान से हम लोग आज 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की दासता से मुक्त है और हमने आजादी प्राप्त की थी इस कारण आज आप सभी खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं हर जगह खेलकूद पा रहे हैं आजादी हमारा अमूल्य अधिकार है क्योंकि इस आजादी से हमारे भाई और बंधुओं का संघर्ष त्याग और बलिदान इस में समाया हुआ है यह आजादी हमें उपहार के रूप में मिली है वंदे मातरम इंकलाब जिंदाबाद की गर्जना करते हुए अनेक वीर फांसी पर झूल गए जिसके कारण हम यहां पर बैठे हुए हैं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक बात आपको यह बताना चाहूंगा कि हमारे भारत में वैलेंटाइन डे को इतना धूमधाम रुप से मनाया जाता है सभी लोग खासकर युवा इस को ज्यादा महत्व देते हैं परंतु वह अपनी आजादी को स्वतंत्र दिवस को ज्यादा महत्व नहीं देते" आज यहां पर बैठे सभी लोग समय यह विनती करूंगा कि हम अपने देश के विकास क्यों ऊंचाइयों तक ले जाएंगे और भारत को फिर से सोने की चिड़िया बनायेंगे ताकि हमारे देश भक्त और शहीदों का बलिदान व्यर्थ ना जाए तो जय हिंद भारत माता की जय वंदे मातरम

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