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Sweetest Love I Do Not Goe- John Donne Summary in Hindi and English Objective & Online Test

Sweetest Love I Do Not Goe
(Long Summary-For Basic Concept)
मेरी प्रियतमा मैं तुमसे दूर नहीं जाता | 
Last Updated :- 23-Nov-2019


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John Donne
Born: 22 January 1572, London, United Kingdom
Died: 31 March 1631, London, United Kingdom
Education: The University of Cambridge, Lincoln's Inn, University of Oxford
Spouse(wife): Anne More(m. 1601-1617)
Poems: The Flea, The Good-Morrow, Holy Sonnets

The Poem “Sweetest Love I Do Not Goe” is a love poem, which has been composed by the poet John Donne. In this present poem, the poet beautifully expresses the feelings of love.

When lovers part with each other, they show the passion of love. The poet desires to depart from his beloved not because he has become fed with her or hopes to get a fitter love.

He wants to leave his beloved because he knows as well that death will certainly part them away. The poet assures his beloved that he will come back like the sun comes everyday. The poet promises his beloved that his returning will be faster than the sun. Finally asserts that those who truly love each-other are never parted and never died ultimately meet in heaven after their physical death.

"Sweetest Love I Do Not Goe" एक प्यार कविता हैं,  जिसे कवि जॉन डोंने द्वारा रचित किया  हैं | इस  कविता में कवि जॉन डोंने ने बिलकुल ही सुन्दर तरीके से प्यार के ऐहसास का वर्णन किया हैं | 
                                     जब दो प्रेमी एक दूसरे से अलग होते हैं तो वे दोनों अपने पागलपन को दर्शाते हैं या दिखाते हैं | कवि की इक्षा अपनी प्रेमिका से दुर जाना इसलिए नहीं हैं कि वे अपने  प्रेमिका से उब्ब गए हैं या फिर वह उससे झूठा प्यार करते हैं | वह अपनी प्रेमिका से इसलिए दूर होना चाहते है क्योंकि वे अच्छी  तरह से यह जानते हैं की मौत एक दिन उन दोनों में से एक दूसरे को जुदा कर देगी तो अकेले कैसे जीवन जीते है उसका अनुभव उन दोनों को हो जाएगा | कवि अपनी प्रेमिका को ये भरोसा(आश्वासन) दिलाते है कि वे जल्द ही वापस आ जायेगे जैसे कि सूर्य प्रतिदिन आता हैं | 
                                      कवि अपनी प्रेमिका से यह वादा करते हैं कि उनकी जो वापस लौटने कि जो गति है वो उस चमकते हुए सूर्य से भी तेज हैं | आख़िरकार कवि इस बात पर जोर देते हैं कि वे लोग, जो  दूसरे से सच्चा प्यार करते हैं न, वे कभी भी एक दूसरे से जुदा नहीं होते है और न ही कभी मरते हैं बल्कि अंत में उनकी मिलन स्वर्ग में होती हैं |  

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